Thu. May 28th, 2020

Expose India

Truth within

प्रदेश लौटे मजदूरों के लिए योगी सरकार का बड़ा फैसला

लॉकडाउन के चलते मजदूर अलग-अलग राज्यों में फसें हैं। सरकार की तरफ से कोई मदद ना मिलने के कारण मजदूरों का पलायन जारी है। प्रवासी मजदूरों में अधिकतकर उत्तर प्रदेश,बिहार,झारखंड़ के लोग हैं, लगातार पलायन के चलते योगी सरकार ने मजदूरो को लेकर बड़ा फैसला लिया है।
श्रमिकों की वापसी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यना ने सोमवार को टीम-11 के अधिकारियों के साथ बैठक की। सीएम योगी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी कामगार श्रमिक को अंतरराज्यीय, अंतर्जनपदीय आवागमन में समस्या ना हो, यह सुनिश्चित किया जाए। वहीं सभी के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि पैदल अथवा दुपहिया वाहन से कोई भी श्रमिक कामगार ना चले।जो जहां हैं, वहीं से उनके गृह जनपद तक पहुंचाने की व्यवस्था करें। सभी को क्वॉरेंटाइन सेंटर में ले जाकर उनके चेकअप, भोजन की व्यवस्था की जाए। जो स्वस्थ हैं उन्हें पर्याप्त खाद्यान्न देकर जिसमें चावल आटा दाल तेल आदि हो, उनके घर तक होम क्वरंटाइन के लिए भेजें।

मुख्यमंत्री ने कहा, हर कामगार श्रमिक के स्किल का डाटा बनाया जाए, जिससे क्वरंटाइनअवधि पूरा होने के बाद उसके अनुरूप उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।होम क्वारंटाइन के दौरान प्रत्येक श्रमिक कामगार को 1000 का भरण-पोषण भत्ता देने की व्यवस्था की जाए।
प्रवासी श्रमिकों कामगारों के उत्तर प्रदेश आने का सिलसिला लगातार जारी है। आज भी 55 ट्रेन के माध्यम से 75000 प्रवासी श्रमिक कामगार और 25000 लोग अन्य साधनों से उत्तर प्रदेश आएंगे। पिछले 4 दिनों में 170 ट्रेनें आई हैं, उससे करीब सवा दो लाख श्रमिक पहुंचे हैं। एक लाख से ज्यादा लोग अन्य साधनों से आए 3 साल को जांच के बाद होम क्वरंटाइन में खाद्यान्न देकर भेजा गया।

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने रविवार को कहा कि प्रदेश में अब कोरोना के 1,884 एक्टिव केस हैं। उपचार के बाद 1,504 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं और उन्हें घर भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि शनिवार को कोरोना के 4,861 सैंपल की टेस्टिंग की गई. रविवार को 1365 सैंपल को मिलाकर 273 सैंपलों का पूल टेस्ट किया गया। आइसोलेशन वार्ड में 1,953 लोगों को और क्वारंटाइन सेंटर में 9,003 लोगों को रखा गया है।