ये बाज की फौज है, जो हफ्तों तक अपने शिकार पर नज़रें गड़ाए रखते हैं….

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वो बाज की फौज है, जो हफ्तों तक अपने शिकार पर नज़रें गड़ाए रखते हैं सही मौके की तलाश में..और सही वक्त, सही जगह पर शिकार मिलते ही…एक झपट्टे में काम तमाम ….

ये अपराधियों का खिलाफ पुलिस के ब्रह्मास्त्र हैं ..इनका एक ही मिशन है माफिया, गैंगस्टर, मोस्ट वांटेड डान, साइबर क्राइम जैसे अपराधों के नेक्सस को जड़ से खत्म करना।

जुर्म के खात्मे के लिए सिर्फ हथियारों का इस्तेमाल नहीं करते..ये दिमाग से भी अपराधियों को मात देते हैं..इनके बनाए चक्रव्यूह से बच पाना नामुमकिन है..ये है यूपी की स्पेशल टास्क फोर्स

आज नायक में बात ऐसे बहादुर जवानों की जिन्होंने अपराध पर लगाम लगाने की कसम खाई है… देश की सीमाओं की रक्षा करने के लिए जिस प्रकार हमारे सैनिक दिन रात खड़े हैं वैसे ही घर के अंदर किसी प्रकार की अनहोनी न हो उसके लिए पुलिस रहती है। सीमा के दुश्मन की पहचान तो होती है लेकिन घर के अंदर दुश्मनों का सफाया करना बड़ी चुनौती है और इसी चुनौती का सामना करते हैं एसटीएफ के जांबाज

उत्तर प्रदेश पुलिस में यूपी एसटीएफ एक बहुत ही जरुरी हिस्सा है प्रदेश को सुरक्षित बनाने के लिए जितना सामाजिक अपराध रोकना जरुरी है उतना ही जरुरी है संगठित अपराधों पर लगाम लगाना ।

यूपी एसटीएफ कैसे काम करती है..आखिर इनके काम करने का तरीका क्या है…आखिर क्या वजह है कि स्पेशल टास्क फोर्स जब कोई ऑपरेशन करती है तो उसे अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लेती है…एक्सपोज इंडिया आज आपको स्पेशल टॉस्क फोर्स के बड़े ऑपरेशन दिखाएगा साथ ही पहली बार आप देखेंगे और समझेंगे की हमारी आपकी सुरक्षा करने वाली तेज तर्रार टीम कैसे काम करती है…

उत्तर प्रदेश………भारत की सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य….जहां करीब 22 करोड़ लोग रहते हैं ….एक अनुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश की आबादी के बराबर दुनिया में सिर्फ 5 ही देश हैं …इतनी बड़ी आबादी वाले प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने का दावा हर सरकार ने किया लेकिन इसे तमगा मिला देश में सबसे ज्यादा हत्या और महिला के खिलाफ वारदात वाले प्रदेश का…NCRB की 2016 की रिपोर्ट के मुताबिक देश के 19 बड़े शहरों में उत्तरप्रदेश में हत्या के सबसे ज्यादा मामले दर्ज हुए… इतने बड़े राज्य में कानून-व्यवस्था को बनाए रखना हमेशा से चुनौती भरा काम रहा…और यूपी हत्या, चोरी से लेकर संगठित अपराधों का भी गढ़ बन गया …

यूपी में संगठित अपराध से निपटने के लिए ही स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया है ….1998 गठन के बाद यूपी एसटीएफ को 19 साल हो गए हैं…गठन के बाद से ही एसटीएफ ने कई बड़े केस को सुलझाया है..

एक्सपोज इंडिया की टीम नोएडा में स्पेशल टास्क फोर्स के हेडक्वार्टर पहुंची …स्पेशल टास्क फोर्स कैसे काम करती है ये आप पहली कैमरे पर देख रहे हैं ….यहां सिविल ड्रेस में ही काम करते हैं …एसटीएफ के अफसर ने एक्सपोज इंडिया को बताया कि किसी भी मिशन से पहले टीम पहल ये तय करती है कि अपराध किस तरह का है ..क्या ये अपराध आतंकी गतिविधि से जुड़ा है या साइबर क्राइम है..कई बार अपराधी मोबाइल का इस्तेमाल ही नहीं करते हैं ऐसी हालत में अपराधी का सुराग लगाना मुश्किल होता है..इसलिए टीम पहले होमवर्क करती है और अपने 

टारगेट के बारे छोटी से छोटी जानकारी इकट्ठा करती है..और इसके लिए सोशल मीडिया का भी मदद ली जाती है…टारगेट के बारे में 1 फीसदी जानकारी भी इन्हें मिलती है तो उसकी पूरी जन्म कुंडली निकालने में ये माहिर होते हैं

यूपी में इस तरह के अपराधों के खात्मे के लिए यूपी पुलिस से ही चुने गए बेहतरीन लोगों की एक अलग फोर्स बनाई गई है इसमें यूपी एसटीएफ, एटीएस शामिल हैं..एसटीएफ के काम करने का तरीका आम पुलिस फोर्स से बिल्कुल अलग है..एसटीएफ में यूपी पुलिस के ही जवान और अफसर चुने जाते हैं …

तारीख- 23 अप्रैल 2018 यूपी एसटीएफ के दफ्तर में वायरलैस पर सूचना मिलते ही ..खलबली मच गई….फोन की घंटियां बजने लगी..अफरातफरी का माहौल था…ये खुफिया जानकारी मिली थी एक कुख्यात गैंगस्टर के बारे में जिसका नाम था बलराज भाटी…एसटीएफ और बलराज भाटी का कैसे सामना हुआ इसके पहले जान लिजिए कि बलराज भाटी कौन है

यूपी, हरियाणा, दिल्ली में उसकी खौफ की हुकूमत चलती थी, अलग-अलग राज्यों के थाने में उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों की फाइलें बढ़ती जा रही है थी..वो सिरफिरा था और किसी की जान उसके लिए कोई अहमियत नहीं रखती थी..

एक दशक से पुलिस उसकी तलाश में थी और अचानक ऐसे खतरनाक दरिंदे बलराज भाटी के बारे खुफिया जानकारी मिलना..एसटीएफ के लिए बड़ी कामयाबी साबित हो सकती थी ..मुखबिर के मुताबिक बलराज भाटी नोएडा के सेक्टर 41 में देखा गया था…बिना कोई वक्त गंवाए एसटीएफ और यूपी पुलिस की टीम ने घेरा डाल दिया ….इंतजार था सही वक्त का…

दोपहर का वक्त था और अचानक नोएडा सेक्टर 41 में गोलियों की आवाज गूंजने लगी, खूंखार शार्प शूटर चारों तरफ से घिर चुका था और उसके पास बचने का कोई रास्ता नहीं था… यूपी एसटीएफ, हरियाणा एसटीएफ और नोएडा पुलिस ने जवाबी गोलियां चलाई…

करीब 80 राउंड की फायरिंग के बाद आवाज शांत हुई तो लोगों ने देखा खौफ और दहशत का दूसरा नाम, ढ़ाई लाख का ईनामी बदमाश बलराज भाटी खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था, और जान की भीख मांग रहा था

पुलिस ने बलराज को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई…बलराज भाटी जेल में बंद सुंदर भाटी गैंग का कारोबार संभालता था.. अपराध का एक और अध्याय भाटी की मौत के साथ समाप्त हो गया..नोएडा में एसटीएफ ने गैंगस्टर को जहन्नुम पहुंचाया तो कई ऐसे केस भी सुलझा दिया जो यूपी पुलिस के लिए मिस्ट्री बन चुकी थी और अपराधी को लगने लगा था उसकी गर्दन तक कानून के हाथ कभी पहुंच नहीं पाएंगे..

नोएडा का चर्चित अंकित चौहान मर्डर केस भी कुछ इस तरह का ही थी…जिसके लिए दो साल तक यूपी पुलिस ने खाक छानी लेकिन अपराधियों का सुराग नहीं लगे सके..उस वक्त यूपी पुलिस ने एसटीएफ की मदद ली और एक टैटू के सुराग से कातिलों को ढूंढ निकाला

एसटीएफ जब किसी केस को हाथ में लेती है तो उसकी तह तक पहुंचकर और सच को बाहर निकालने के बाद ही दम लेती है । यही वजह है कि अब एसटीएफ का दायरा हत्याकांड, आतंकी साजिश तक सीमित नहीं रहा..अब मनी लॉंड्रिंग और साइबर क्राइम जैसे पेचीदा केस भी सुलझा रही है.. साइबर क्राइम की तहकीकात करना ऐसे अदृश्य दुश्मनों से लड़ने जैसा है जो ना बंदूक से लूटते हैं ना हथियारों से इनका हथियार है इंटरनेट ..जिसकी मदद से हजारों किलोमीटर दूर बैठे-बैठे आपके बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं…ये कभी 7 समंदर पार से ऑपरेट कर रहे होते हैं तो कभी शहर के बीचोंबीच ही अपना ठिकाना

बना लेते हैं और इनका पता लगाना रेत में सुई ढ़ुंढने की तरह होता है…ऐसे साइबर क्राइम करने वाले अपराधी भी एसटीएफ की नजरों से नहीं बच पाते हैं …

करीब 3700 करोड़ की ठगी कर देश को हिला देने वाले एब्लेज सोल्यूशन का खुलासा भी एसटीएफ ने किया 90 दिनों में अरबों रुपये का काला साम्राज्य शातिर दिमाग महाठग अनुभव मित्तल ने खड़ा कर लिया था …शातिर दिमाग अनुभव मित्तल ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर डिजीटल मार्केटिंग कंपनी खोल ली और इंटरनेट पर लाइक करने की स्कीम के जाल में हजारों लोगों को फांस लिया…साजिश की स्कीम में 7 लाख से ज्यादा लोग फंस गए और अपनी जमा-पूंजी गंवा दी..अरबों का ये  घोटाला सामने आया तो एसटीएफ की टीम ने पूरी तफ्तीश के साथ इसके मास्टरमाइंड को धर दबोचा

19 साल में 156 आउट ऑफ टर्न और 19 गैलेंट्री पुरस्कार मिले हैं

90 एसटीएफ के जवान शहीद भी हुए हैं..लेकिन इन्होंने फर्ज को अपनी जिंदगी से हमेशा ऊपर रहा है..यूपी एसटीएफ को

 

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