Thu. May 28th, 2020

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नर्स ने की खुदकुशी,पढ़े कहाँ का है पूरा मामला

भारत जैसै देश में स्वास्थ्य कर्मियों की खासा कमी है। कोरोना के इस दौर में यही वो लोग हैं जो असल में देश की रक्षा कर रहें हैं। तो वही महामारी के इस बीच लगातार खबरे सामने आ रही है कि कई स्वास्थ्य कर्मी कोरोना का शिकार हो गए है, लेकिन अब पीजीआई की एक नर्स द्वारा आत्महत्या करने का मामला सुर्खियों में आ गया है।

जानकारी के मुताबिक पंजाब के चंडीगढ़ में पीजीआई में एक नर्स ने जहर का इंजेक्शन लगाकर खुदकुशी कर ली है। पीजीआई की ओपीडी में तैनात नर्सिग ऑफिसर ने अपने साथ काम करने वाली चार सीनियर ड्यूटी स्टाफ कर्मचारियों से तंग आकर इतना बड़ा कदम उठाया है। महिला की पहचान दविंदर कौर निवासी हरिओम सोसायटी, नयागांव के रूप में हुई है। दविंदर कौर की लाश को खरड़ सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। बताया जा रहा है कि मामला संदिग्ध होने के चलते दविंदर कौर का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के बोर्ड से करवाया जाएगा।
दविंदर कौर की लाश के पास पुलिस को एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है जिसमें उन्होंने पीजीआई की चार महिला कर्मचारियों को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। नयागांव पुलिस ने इस मामले में दविंदर कौर के पति अमित के बयानों पर पीजीआई की 4 महिला कर्मचारियों के खिलाफ धारा-306 व 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
फिलहाल किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। दविंदर कौर के पति अमित ने बताया कि दविंदर कौर पहले ओपीडी में ड्यूटी पर तैनात थीं, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें गायनोकोलॉजी में शिफ्ट कर दिया गया। दविंदर कौर ने अधिकारियों को बताया कि वर्कलोड ज्यादा होने के कारण वह यहां ड्यूटी नहीं कर सकतीं, इसलिए उन्हें दोबारा ओपीडी में शिफ्ट कर दिया जाए। लेकिन अधिकारियों ने उनकी बात नहीं सुनी जिसके बाद उक्त दविंदर कौर डेढ़ महीने की छुट्टी पर चली गई।
बता दें कि 22 अप्रैल को नर्स ने अपनी नस काटकर खुदकशी करने का प्रयास भी किया था लेकिन गनीमत यह रही कि उस प्रयास में उनकी जान बच गई। जब दविंदर कौर ने स्वस्थ होकर दोबारा ड्यूटी ज्वाइन की तो अधिकारियों ने उन्हें ओपीडी में शिफ्ट कर दिया। लेकिन ओपीडी में शिफ्ट करने के बावजूद अधिकारी उन्हें डेढ़ महीने की छुट्टी का रिकॉर्ड देने के लिए प्रभाव बना रहे थे, जिससे तंग आकर रविवार रात दविंदर कौर ने जहर का इंजेक्शन लगाकर खुदकशी कर ली।