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जौनपुर जिला अस्पताल ने इतने नर्सिग स्टाफ को नौकरी से निकाला

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते देशव्यापी लॉकडाउन है। ऐसे में एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लॉकडाउन के दौरान बार बार उद्यमियों से कर्मचारियों को नौकरी से बाहर न करने और मजदूरों को सवैतनिक छुट्टी देने की अपील कर रहे हैं।

इस संकट काल में प्राइवेट संस्थानों की बजाय जौनपुर जिला अस्पताल ने ही 35 कोरोना योद्धाओं को नौकरी से बाहर कर दिया है। जिला अस्पताल के इस फैसले से नाराज महिला और पुरुष नर्स कर्मचारियों ने बुधवार को सीएमओ कार्यालय का घेराव कर फिर से काम पर वापस लौटाये जाने की मांग की। जौनपुर के अमर शहीद उमानाथ सिंह जिला अस्पताल में यूपीएच-एस.एस.पी द्वारा नर्सिंग स्टाफ को तैनात किया गया था।

नर्सिंग स्टाफ आशीष कुमार समेत अन्य लोगों का कहना है कि कोविड-19 में एक महीना स्वास्थ्य महकमे ने ड्यूटी लेने के बाद सभी को नौकरी से बाहर निकाल दिया है। नौकरी से निकाले जाने के बाद पैरामेडिकल कर्मचारियों ने योगी सरकार से एजेंसी के जरिए पुनः समायोजन की मांग को लेकर बुधवार को जिला अस्पताल का घेराव किया। उन्होंने कहा कि अब जबकि पूरे मामले ने मीडिया में तूल पकड़ लिया तो एक अफसर के यहां से दूसरे अफसर के यहां मामले को टरकाया जा रहा है जिससे परेशान होकर नर्सिंग स्टाफ ने सीएमओ कार्यालय का घेराव करके ड्यूटी के पुनः समायोजन किये जाने की मांग चीफ मेडिकल अफसर समेत सरकार से की है।

कोरोना योद्धओं को नौकरी से बाहर निकाले जाने के बारे में जब सीएमओ डा. रामजी पांडेय और जिला अस्पताल के सीएमएस डा. ए.के. शर्मा से पूछा गया तो सभी अफसर जिम्मेदारी से बचते नजर आए और एक दूसरे के ऊपर टाल कर मामले से किनारा करने लगे। एक ओर सीएमओ साहब ने कहा कि यह लोग हमारे अंडर ड्यूटी नहीं कर रहे थे लिहाजा मामला हमसे सम्बन्धित नहीं है। जब सीएमएस से बात की गई तो उनका कहना था कि मामला सीएमओ के पास है। नर्सिंग स्टाफ का कहना है ऐसे में ये कहां जाएं, किससे गुहार लगायें ये इन्हें समझ नहीं आ रहा।